गरियाबंद में धूमधाम से मनाई गई 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती; 12 ज्योतिर्लिंगों की झांकी रही आकर्षण का केंद्र

गरियाबंद: स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवाकेंद्र में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में आध्यात्मिक संदेश के साथ-साथ समाज को जागरूक करने के लिए विभिन्न युगों और ज्योतिर्लिंगों की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं।

आध्यात्मिक संदेश और संस्था का परिचय
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था प्रमुख बी.के. बिंदु दीदी द्वारा अतिथियों के स्वागत और सम्मान से हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि:
- यह संस्था 1937 में प्रजापिता ब्रह्मा के माध्यम से स्थापित हुई और वर्तमान में 140 देशों में राजयोग व स्व-सशक्तीकरण की नि:शुल्क शिक्षा दे रही है।
- महाशिवरात्रि केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि परमात्मा के अवतरण का यादगार पर्व है।
- जब सृष्टि तमोप्रधान (पतन की ओर) हो जाती है, तब शिव का अवतरण इसे पुनः सतोप्रधान (पावन) बनाने के लिए होता है।
चार युगों और ज्योतिर्लिंगों की झांकी
समाज में आध्यात्मिक जागरूकता लाने के उद्देश्य से भगवान भूतेश्वर नाथ परिसर में प्रोजेक्टर के माध्यम से चार युगों की झांकी दिखाई गई। इसके साथ ही भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों की सुंदर झांकी सजाई गई, जिसे देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में ‘संगम युग’ चल रहा है, जहाँ मनुष्य अपनी चेतना को जगाकर जीवन को आदर्श बना सकता है।
संकल्प और ध्वजारोहण
महोत्सव के दौरान शिव परमात्मा की याद में केक काटा गया और सभी उपस्थित जनों ने व्यर्थ विचारों को त्यागने की प्रतिज्ञा ली। इसके पश्चात संस्था का प्रतीक ‘शिव ध्वज’ फहराया गया।
प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस आध्यात्मिक महोत्सव में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से उपस्थित थे: अनिल चंद्राकर (भाजपा अध्यक्ष) रिखीराम यादव (नगर पालिका अध्यक्ष) अंजोर सिंह ठाकुर (आदिवासी संघ अध्यक्ष) कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग के महत्व को समझा।


















