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कृषि विज्ञान केंद्र गरियाबंद मे हुए सहायक ग्रेड-1 और ग्रेड-2 के संविदा भर्ती प्रक्रिया में गोलमाल

आरटीआई से मिली जानकारी से आया सच सामने

सूचना पटल में ना चस्पा ना ही मेरिट लिस्ट जारी किया गया

प्रतिनिधि/गरियाबंद : कृषि विज्ञान केन्द्र गरियाबंद में वर्ष 2020 मे हुए सहायक ग्रेड-1और ग्रेड-2 के संविदा भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। अभ्यर्थियों ने मेरिट में गोलमाल करने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से दखल देने की गुजारिश की है। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार मेरिट लिस्ट सार्वजनिक किए बिना गुपचुप ढंग से भर्ती की गई है। आरोप है कि हेरफेर करने की नीयत से ही मेरिट सूची छिपाई गई है।

भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों में गोलमाल किए गए है सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत् मिली जानकारी को जब खंगाला गया तो देखा गया कि स्कोर कार्ड में प्राप्त अंकों में छेड़छाड़ पाये गए है। जिसके चलते उक्त संविदा भर्ती प्राप्त अंक अनुसार जिस अभ्यर्थी की भर्ती होनी चाहिए थी वह वंचित हो गए । विभाग के अधिकारी के मनमानी के चलते अभ्यर्थियों को दिए गए परीक्षा के स्कोरकार्ड के परिणाम में पूरी तरह से छेड़छाड़ किया गया है। सबसे बड़ी देखने वाली बात या वजह यह सामने आती है कि विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर रहने के बावजूद भी स्कोरकार्ड पेन से बनाया गया है ।

जिसे चयन समिति एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ईश्वर सिंह द्वारा सत्यापित किया गया है ।विभाग के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा यदि गंभीरता पूर्वक  प्राप्तांक की कुल योग्यता को और दो अलग वजह को जांच कर देखी जाती तो स्कोरकार्ड के अनुसार जो नियुक्ति वर्तमान में की गई है वह बदल भी सकती थी, किंतु विभाग के अधिकारी द्वारा मनमानी ढंग से स्कोर कार्ड में अपनी व्यवस्था का व्यंज रचते हुए उसे जांच करना मुनासिब न समझा गया, जिसके चलते त्रुटियां भली-भांति देखी जा सकती है । उक्त संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र के जनसूचना अधिकारी ईश्वर सिंह के समक्ष जब सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया तो जानकारी में उन्होंने अपनी ओर से जिन बिंदुओं पर जानकारी चाहिए थी उससे हटकर जानकारी प्रदान किया है । जो चाही गई बिंदु से विपरीत है और नगद भुगतान लेकर जानकारी गलत तरीके से अन्य प्रतियों में दे दिया गया है ।

इस विषय में जब कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी ईश्वर सिंह से चर्चा की गई तो उनका कथन कुछ गोल मटोल तरीके से बताया गया । जिसमें उन्होंने कहा कि आप जो जानकारी नहीं मांगे थे हमने वह जानकारी भी आपको दी है। इतनी मेहरबानी आवेदक के ऊपर किए जाने का कारण समझ से परे था दूसरी अहम बात यह है कि जब उनको यह कहा गया कि आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी में विभागीय काफी त्रुटियां छेड़खानी  देखी गई हैं सर जी इस पर आप क्या कहना चाहेंगे,तो उन्होंने यह कहा कि 7 तारीख को आप आ करके मुलाकात कर लीजिए क्यों की अभी मै खाली नहीं हूं, यह कौन सी बात है कि जानकारी दिए जाने के पश्चात मुलाकात के लिए जनसूचना अधिकारी से मुलाकात की जाए, काफी सारी बातें ऐसी हैं जो सवालों के दायरे पर हैं, जिसकी जांच अत्यधिक जरूरी है। जांच के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति या अभ्यर्थी गलत पाया जाता है तो उस पर कार्यवाही आवश्यक की जानी चाहिए क्योंकि लगातार छत्तीसगढ़ राज्य में बेरोजगारों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

बेरोजगारी को देखते हुए जहां एक ओर छत्तीसगढ़ भूपेश बघेल सरकार द्वारा बेरोजगारों को प्राथमिकता के साथ रोजगार देने की योजनाएं चलाई जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर विभागों में बैठने वाले अधिकारी अपनी ओर से अपने तरह से कलम चला कर मनमानी कर रहे हैं। आरटीआई के प्राप्त सत्यापित दस्तावेजों के अनुसार जांच की मांग रखते हुए आवेदक द्वारा उच्च स्तर पर कार्रवाई की मांग की जाने की बात कही गई है । सोमवार को गरियाबंद कलेक्टर को जांच व कार्यवाही की मांग करते हुए कृषि मंत्री से भी कार्यवाही की मांग को लेकर गरियाबंद के नवयुवक मंडल द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही गई है ।

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KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

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