बजट 2026-27: ‘विकसित भारत’ के 3 कर्तव्यों पर टिकी देश की नई आर्थिक दिशा

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी संसद में वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। ‘कर्तव्य भवन’ में तैयार यह पहला बजट मुख्य रूप से तीन स्तंभों (कर्तव्यों) पर आधारित है: आर्थिक विकास की गति बढ़ाना, लोगों की आकांक्षाएं पूरी करना और समावेशी विकास (सबका साथ-सबका विकास) सुनिश्चित करना।

व्यापार जगत, करदाताओं और युवाओं के लिए इस बजट में क्या खास है, आइए समझते हैं सरल शब्दों में:

1. आम आदमी और करदाता: क्या सस्ता, क्या महंगा?

  • नया आयकर अधिनियम 2025: 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स कानून लागू होगा। सरकार का दावा है कि अब टैक्स फॉर्म भरना बहुत आसान हो जाएगा।
  • विदेश घूमना सस्ता: विदेश यात्रा के पैकेज पर लगने वाला TCS (टैक्स कलेक्शन एट सोर्स) 5-20% से घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है।
  • बीमारी के इलाज में राहत: व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात की जाने वाली दवाओं पर टैक्स 20% से घटाकर 10% किया गया। साथ ही 17 अन्य जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क (Customs Duty) खत्म कर दी गई है।
  • सामान की आवाजाही: हवाई यात्रा के दौरान विदेश से लाए जाने वाले सामान (Baggage) की टैक्स फ्री सीमा बढ़ाने का भी प्रस्ताव है।

2. स्टार्टअप और MSME: ‘चैंपियंसबनाने की तैयारी

  • SME ग्रोथ फंड: छोटे उद्योगों की मदद के लिए 10,000 करोड़ रुपये का नया फंड शुरू होगा।
  • आत्मनिर्भर भारत फंड: 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त समर्थन जारी रहेगा।
  • सेफ हार्बर मार्जिन: IT सेक्टर के छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए व्यापारिक नियमों को आसान बनाया गया है।

3. बुनियादी ढांचा (Infrastructure) और निवेश

  • भारी निवेश: सरकार ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (Capex) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इससे नई सड़कों, पुलों और रेलवे का निर्माण तेज होगा।
  • हाई-स्पीड रेल: दिल्ली-वाराणसी और मुंबई-पुणे समेत 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
  • माल ढुलाई: दानकुनी (पूर्व) से सूरत (पश्चिम) तक नया डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनेगा।
  • ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट: छोटे कारीगरों के लिए कुरियर के जरिए निर्यात की 10 लाख रुपये की सीमा हटा दी गई है, जिससे वे अपना सामान वैश्विक बाजार में आसानी से बेच सकेंगे।

4. भविष्य की तकनीक: सेमीकंडक्टर और स्पेस

  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: भारत को चिप निर्माण का हब बनाने के लिए मिशन का नया चरण शुरू होगा।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स: मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों के निर्माण के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया।
  • बायोफार्मा शक्ति: स्वास्थ्य और दवाओं के क्षेत्र में नई तकनीक के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित।

5. कृषि और ग्रामीण विकास

  • किसानों की आय: नारियल, काजू, चंदन और कोको जैसी महंगी फसलों की खेती के लिए विशेष सहायता।
  • भारत-विस्तार ऐप: किसानों के लिए AI-आधारित बहुभाषी टूल, जो खेती की समस्याओं का समाधान देगा।
  • पशुपालन: 20,000 से अधिक नए पशु डॉक्टरों की भर्ती और आधुनिक पशु अस्पतालों के लिए सब्सिडी।

6. बजट के मुख्य आर्थिक आंकड़े (एक नजर में)

मद (Item)अनुमानित राशि / प्रतिशत
कुल व्यय53.5 लाख करोड़ रुपये
कुल प्राप्तियां (बिना कर्ज)36.5 लाख करोड़ रुपये
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)GDP का 4.3%
पूंजीगत व्यय (Capex)12.2 लाख करोड़ रुपये

यह बजट बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल क्रांति और कर नियमों के सरलीकरण पर केंद्रित है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम रखते हुए अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि की मजबूती देने का प्रयास किया है।

Show More

KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

Related Articles

Back to top button
Translate »