भारतीय मानक ब्यूरो और लोक निर्माण विभाग का संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, अभियंताओं के लिए वरदान

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार के उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने रायपुर में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा आयोजित दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को निर्माण में प्रयुक्त सामग्रियों के नवीन मानकों और मापदंडों की जानकारी देना है, ताकि राज्य में हो रहे निर्माण कार्य और अधिक गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ बन सकें।

मानकों की जानकारी से ही होगी गुणवत्ता की गारंटी
श्री साव ने कहा कि तकनीकी विकास के इस दौर में इंजीनियरों को सम-सामयिक तकनीकी जानकारी से अपडेट रहना अत्यंत आवश्यक है। सही सामग्री का चयन तभी संभव है जब अभियंताओं को निर्माण मानकों और प्रमाणन प्रणाली की स्पष्ट समझ हो। उन्होंने कहा, “आपके पर्यवेक्षण में हो रहे कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आपकी है।”
विशेषज्ञों से मिल रही तकनीकी ट्रेनिंग
इस कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर, दिल्ली और अन्य ज़ोन से आए विशेषज्ञों ने सिविल और इलेक्ट्रिकल दोनों क्षेत्रों में मानकों की विस्तृत जानकारी दी।
सिविल कार्यों में डॉ. आर.पी. देवांगन, डॉ. प्रवीण निगम जैसे विशेषज्ञों ने नवीनतम मापदंड साझा किए।
वहीं इलेक्ट्रिकल कार्यों में बाबुल चक्रवर्ती, सुहासकृष्णन के.वी. और भावना कस्तुरिया ने जानकारी दी।
स्टैंडर्ड का पालन: भविष्य की कुंजी
कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों ने कहा कि राज्य के अभियंताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों की जानकारी होनी चाहिए। प्रमाणित सामग्री का उपयोग, किफायती निर्माण, और लंबी उम्र वाले प्रोजेक्ट तभी संभव हैं जब मानकों का सही अनुपालन किया जाए।
क्या सीखने को मिला?
- विभिन्न निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता जांचने के मापदंड
- सिविल व इलेक्ट्रिकल कार्यों में प्रयोग की जाने वाली नई तकनीकें
- प्रमाणित कंपनियों से सामग्री चयन की प्रक्रिया
- पर्यवेक्षण में गुणवत्ता नियंत्रण की रणनीतियाँ



