संयुक्त खाते की भूमि पर निर्माण को लेकर विवाद, आवेदिका ने कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप

गरियाबंद: नगर पालिका परिषद गरियाबंद के वार्ड क्रमांक 01 स्थित संयुक्त खाते की भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। भूमि की सहखातेदार आवेदिका सुनिधि गुप्ते ने बिना स्वीकृति निर्माण किए जाने तथा शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। वहीं नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम जबड़ापारा, तहसील सरकंडा जिला बिलासपुर निवासी सुनिधि गुप्ते ने बताया कि गरियाबंद स्थित वार्ड क्रमांक 01 में खसरा नंबर 55/1, रकबा 0.1640 हेक्टेयर भूमि संयुक्त खाते में दर्ज है, जिसमें सहखातेदार के रूप में जितेंद्र उपाध्याय, माधुरी उपाध्याय, सुनिधि गुप्ते और साक्षी गुप्ते के नाम दर्ज हैं। आवेदिका का कहना है कि सहखातेदार द्वारा उनकी सहमति और भवन अनुज्ञा के बिना उक्त भूमि पर निर्माण कार्य किया जा रहा है।

आवेदिका के अनुसार निर्माण कार्य की शुरुआत से ही उन्होंने संबंधित विभागों में लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन निर्माण कार्य जारी रहा और अब भवन का स्लैब भी डाला जा चुका है। उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर 2025 के पटवारी प्रतिवेदन और पंचनामे के आधार पर 19 जनवरी 2026 को तहसीलदार गरियाबंद द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया था।

आवेदिका ने यह भी बताया कि भवन अनुज्ञा से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्हें सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आवेदन करना पड़ा। इसके अलावा संबंधित खातेदार के मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने पूरे मामले में उच्च स्तर पर शिकायत करने की बात कही है। आवेदिका के अनुसार उक्त भूमि से संबंधित मामला तहसील न्यायालय और व्यवहार न्यायालय गरियाबंद में विचाराधीन है।

वहीं इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी गरियाबंद संध्या वर्मा ने बताया कि संबंधित पक्ष को अब तक तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं तथा इस सप्ताह चौथा नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजिम मेले की व्यस्तता के कारण प्रक्रिया में विलंब होने की बात भी कही।

फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है तथा प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी होने की बात कही जा रही है।

Show More

KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

Related Articles

Back to top button
Translate »