जिले को मिली 10 नई एम्बुलेंस, सेहत सेवाओं में होगा बड़ा इज़ाफ़ा

गरियाबंद: जिले में सेहत (स्वास्थ्य) सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में आज एक अहम कामयाबी हासिल हुई। कलेक्टर बी.एस. उइके, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लालिमा ठाकुर, और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्न सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में 10 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी कि इन 10 एम्बुलेंसों में से 1 गाड़ी एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस है, जबकि 9 गाड़ियां बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम से मुहैया कराई गई हैं। सभी वाहनों की तैनाती की प्रक्रिया मुकम्मल कर ली गई है। इनमें से 2 एम्बुलेंस जिला अस्पताल गरियाबंद में बेस स्टेशन के तौर पर काम करेंगी, जबकि बाकी गाड़ियां पीएचसी पाण्डुका, सीएचसी राजिम, फिंगेश्वर, छुरा, मैनपुर, अमलीपदर, देवभोग और पीएचसी सूपेबेड़ा में तैनात की गई हैं।
इस पहल से खास तौर पर देहात (ग्रामीण) और दूर-दराज़ इलाकों के मरीजों को वक्त पर इलाज और रेफरल की सहूलियत मिल सकेगी। अफसरों के मुताबिक, नई एम्बुलेंस सेवा से इमरजेंसी हालात में राहत तेज़ी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले 108 सेवा का संचालन जय अंबे कंपनी के जरिए किया जा रहा था, लेकिन अब नए वित्तीय साल से यह जिम्मेदारी जीवीके-एमरी को सौंप दी गई है। इस तब्दीली से सेवा की गुणवत्ता, उपलब्धता और रिस्पॉन्स टाइम में और बेहतरी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि सेहत सेवाओं को मजबूत करना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नई एम्बुलेंसों के शुरू होने से गंभीर मरीजों को बेहतर और तेज़ रेफरल सुविधा मिलेगी, जिससे इलाज की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।


















