5 सूत्रीय मांगों को लेकर वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

गरियाबंद : छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ (जिला यूनियन गरियाबंद) के बैनर तले जिले के समिति प्रबंधकों ने अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। लंबे समय से लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रबंधकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि मंत्रालय स्तर पर कई मांगों पर सहमति बनने के बावजूद अब तक आदेश जारी नहीं किए गए हैं। उनका आरोप है कि पिछले एक वर्ष से केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इससे पहले भी दो बार हड़ताल की गई थी, जिसे मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के भरोसे पर वापस ले लिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।
संघ की उपाध्यक्ष परमानंद चौहान ने स्पष्ट कहा कि इस बार जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होते, तब तक प्रबंधक काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
प्रमुख मांगें
प्रबंधकों ने अपनी पांच प्रमुख मांगों में—
- वित्त विभाग से स्वीकृत वेतन मैट्रिक्स लेवल 07, 08 और 09 को लागू करना,
- वेतन सीधे निजी बैंक खातों में हस्तांतरित करना,
- सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति,
- सेवानिवृत्ति या मृत्यु पर ₹5 लाख की अनुग्रह राशि,
- तथा 38 वर्षों से कार्यरत प्रबंधकों का नियमितीकरण—शामिल किया है।
बैंक खाते में वेतन भुगतान पर जोर
प्रबंधकों का कहना है कि अन्य कर्मचारियों की तरह उनका वेतन भी सीधे बैंक खातों में आना चाहिए, जिससे उन्हें बैंकिंग सुविधाओं, ऋण और अन्य वित्तीय कार्यों में सुविधा मिल सके।
संघ ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के चलते जिले में लघु वनोपज संग्रहण और सहकारी कार्यों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।


















