विकास की नई राह पर गरियाबंद: सुशासन के साथ बुनियादी ढांचे और पर्यटन विस्तार पर जिला प्रशासन का जोर
गरियाबंद : जिला प्रशासन गरियाबंद, कलेक्टर बी.एस. उइके के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और विकास के त्रि-आयामी लक्ष्य पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्षान्त प्रेस वार्ता के दौरान जहाँ जिले की ऐतिहासिक उपलब्धियों को साझा किया गया, वहीं जिले की भविष्य की जरूरतों और जनता की पुरानी मांगों को लेकर भी सकारात्मक दृष्टिकोण सामने आया है।
कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार

जिले के विकास को नई गति देने के लिए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। इस कड़ी में कुछ प्रमुख जन-आकांक्षाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:
- छुरा-गरियाबंद मार्ग का चौड़ीकरण: गरियाबंद से छुरा मार्ग के संकरे होने के कारण आने वाली समस्याओं को संज्ञान में लिया गया है। इस मार्ग के चौड़ीकरण से न केवल राहगीरों को सुविधा होगी, बल्कि जिला मुख्यालय तक पहुंच आसान और सुरक्षित हो जाएगी।
- धार्मिक एवं पर्यटन पथ: विश्व प्रसिद्ध भूतेश्वर नाथ मंदिर मार्ग का चौड़ीकरण और गरियाबंद-हरदी से तालेसर-जतमई तक नए मार्ग का निर्माण जनता की पुरानी मांग रही है। इन मार्गों के बनने से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी लाभ मिलेगा।
- न्यू सिविल लाइन का निर्माण: जिले के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों हेतु एक सर्वसुविधायुक्त ‘न्यू सिविल लाइन’ का निर्माण जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे प्रशासनिक कार्यक्षमता में और वृद्धि होगी।
उपलब्धियों का सफर: राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
कलेक्टर श्री उइके ने बताया कि गरियाबंद ने जल प्रबंधन में देश में तीसरा स्थान प्राप्त कर राष्ट्रपति से 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार प्राप्त किया है। साथ ही, समाज कल्याण में जिला राज्य में अव्वल रहा और हाथी-मानव द्वंद को शून्य करने के लिए वन विभाग को ‘मुख्यमंत्री अवार्ड’ से नवाजा जाएगा।
रोजगार मूलक उपाय और आर्थिक सशक्तिकरण
प्रशासन का मुख्य फोकस केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय रोजगार के सृजन पर भी है:
- पर्यटन से रोजगार: जतमई, घटारानी और सिकासार जैसे क्षेत्रों में एडवेंचर स्पोर्ट्स, नौका विहार और ‘नेचर कैंप’ की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, होम-स्टे और छोटे व्यवसायों के अवसर खुलेंगे।
- औद्योगिक संभावनाएं: नेशनल हाईवे और फोरलेन सड़क निर्माण से जिले में वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के साधन बढ़ेंगे।
- महतारी वंदन योजना: 1.80 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है।
स्वास्थ्य और किसान कल्याण
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की शुरुआत, 100 बिस्तरों वाले नए अस्पताल की स्वीकृति और किसानों से अब तक 2.71 लाख टन से अधिक धान की सुचारू खरीदी जिला प्रशासन की सजगता को दर्शाती है। कुपोषण मुक्ति के लिए 920 बच्चों को गोद लेना प्रशासन की मानवीय संवेदनाओं का परिचायक है।
प्रेस वार्ता के अंत में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन जनता से प्राप्त सुझावों, जैसे- नया बस स्टैंड और ईको पार्क का पुनर्विकास, पर पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। ‘पीएम सूर्यघर योजना’ जैसी जनहितकारी योजनाओं के माध्यम से जिले को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस सकारात्मक चर्चा में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर और अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने भी जिले के सर्वांगीण विकास में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


















