उत्तर बस्तर कांकेर : स्वरोजगार हेतु ऋण प्राप्त करने का सुनहरा अवसर

उत्तर बस्तर कांकेर : जिले में निवासरत अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग के युवक-युवतियों को स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कांकेर द्वारा ऋण सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 23 नवम्बर तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं।
स्वरोजगार स्थापना के लिए ऋण प्रदाय करने राष्ट्रीय निगम की योजना के अंतर्गत पैसेन्जर व्हीकल योजना और टेªक्टर ट्राली योजनांतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग 01-01 हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। पैसेन्जर व्हीकल योजना  में 06 लाख 62 हजार रूपये एवं जिसके लिए टेªक्टर ट्राली योजना में 09 लाख 08 हजार रूपये का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार अल्पसंख्यक वर्ग क 05 हितग्राहियों को टर्म लोन योजनांतर्गत 01-01 लाख रूपये का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कांकेर के कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि बैंक के माध्यम से संचालित अनुसूचित जाति वर्ग हेतु अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु आदिवासी स्वरोजगार योजना में भी 50 हजार रूपये से इकाई लागत तक ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्वरोजगार स्थापना हेतु ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए आवेदक को संबंधित जाति वर्ग का होना आवश्यक है। आवेदक को जिले का मूल निवासी होना चाहिए तथा पारिवारिक वार्षिक आय शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में 3 लाख रूपये से अधिक नहीं होना चाहिए। बैंक प्रवर्तित योजना में पारिवारिक वार्षिक आय शहरी क्षेत्र में 51 हजार 500 रूपये तथा ग्रामीण क्षेत्र में 40 हजार 500 रूपये से अधिक नहीं होना चाहिए। आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होना चाहिए, आवेदन पत्र के साथ जन्मतिथि दर्शित कक्षा 5वीं, 8वीं या 10वीं की अंकसूची की छायाप्रति, आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं मतदाता परिचय पत्र की छायाप्रति, दो पासपोर्ट साईज का फोटो संलग्न करना आवश्यक है।
वाहन संबंधी ऋण के लिए आवेदक के पास वाहन चालक का वैद्य कामर्शियल ड्रायविंग लायसेंस तथा ट्रेक्टर ट्राली ऋण के लिए आवेदक के पास स्वयं की 5 एकड़ भूमि होना अनिवार्य है। आवेदक कृषक या शासकीय कर्मचारी का जमानतदार देने में सक्षम हो तथा उसका जीवन बीमा होना अनिवार्य है। विस्तृत जानकारी के लिए कार्यपालन अधिकारी, जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कांकेर सेे संपर्क किया जा सकता है।

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KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

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