AI कंटेंट पर सरकार का कड़ा नियम: डीपफेक फोटो-वीडियो 3 घंटे में हटाने होंगे, 20 फरवरी से नए IT नियम लागू

नई दिल्ली/सूत्र : एआई (Artificial Intelligence) से तैयार फोटो-वीडियो और डीपफेक कंटेंट के जरिए फैल रहे भ्रम को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। 20 फरवरी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक पर AI जनरेटेड कंटेंट को लेकर नए आईटी नियम लागू हो जाएंगे। इन नियमों के तहत प्लेटफॉर्म्स को एआई कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा और सरकार या कोर्ट के आदेश पर डीपफेक कंटेंट को 3 घंटे के भीतर हटाना होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, एआई के गलत इस्तेमाल, फर्जी वीडियो और भ्रामक तस्वीरों पर रोक लगाने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
क्या होंगे प्रमुख बदलाव
AI कंटेंट पर अनिवार्य लेबल
अब किसी भी एआई जनरेटेड फोटो, वीडियो या ऑडियो पर साफ लेबल लगाना जरूरी होगा। एक बार लेबल लगने के बाद उसे हटाया या छिपाया नहीं जा सकेगा।
डीपफेक और फर्जी कंटेंट पर त्वरित कार्रवाई
सरकार या न्यायालय के आदेश मिलने पर सोशल मीडिया कंपनियों को AI जनरेटेड या डीपफेक फोटो-वीडियो को अधिकतम 3 घंटे के भीतर हटाना होगा।
गलत और धोखाधड़ी वाले कंटेंट पर रोक के टूल
प्लेटफॉर्म्स को ऐसे तकनीकी टूल विकसित और लागू करने होंगे जो एआई से बने भ्रामक, आपत्तिजनक या धोखाधड़ी वाले कंटेंट को पहचानकर रोक सकें।
हर 3 महीने में यूजर्स को चेतावनी
सोशल मीडिया कंपनियों को अपने यूजर्स को नियमित रूप से सूचित करना होगा कि एआई का गलत उपयोग करने पर जुर्माना या कानूनी सजा हो सकती है।
लेबल कैसा होगा
नियमों के अनुसार एआई कंटेंट पर लगाया जाने वाला लेबल विजुअल के कम से कम 10% हिस्से में स्पष्ट दिखना चाहिए। अगर कंटेंट ऑडियो है तो शुरुआत में ही सुनाई देना चाहिए कि यह एआई जनरेटेड ऑडियो है। लेबल को छिपाने या बहुत छोटा दिखाने की अनुमति नहीं होगी।
क्यों जरूरी माने जा रहे ये नियम
हाल के समय में सोशल मीडिया पर एआई से बने कई ऐसे वीडियो और फोटो वायरल हुए हैं जो असली जैसे दिखते हैं, जिससे लोग आसानी से भ्रमित हो जाते हैं। नए नियम लागू होने के बाद यूजर्स को साफ पता चल सकेगा कि कौन सा कंटेंट असली है और कौन एआई से तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से इंटरनेट पर भरोसा बढ़ेगा और भ्रामक जानकारी के प्रसार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

















