Insurance Fraud: PolicyBazaar पर IRDAI का डंडा, 5 करोड़ का जुर्माना
नई दिल्ली: देश की जानी-मानी ऑनलाइन बीमा बिक्री कंपनी PolicyBazaar पर बीमा नियामक IRDAI ने सख्त कार्रवाई करते हुए 5 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है। जांच में कंपनी के खिलाफ कई गंभीर खामियां और बीमा कानूनों के उल्लंघन के मामले सामने आए।

क्या हैं आरोप?
IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार, पॉलिसीबाजार ने—
- कुछ खास बीमा उत्पादों को जानबूझकर “सर्वश्रेष्ठ” बताकर ग्राहकों को गुमराह किया।
- वेबसाइट पर 5 ULIP पॉलिसियों को टॉप रैंकिंग दी गई, जबकि इसके लिए कोई पारदर्शी मानक नहीं अपनाया गया।
- ग्राहकों से प्रीमियम राशि लेने के बाद उसे समय पर बीमा कंपनियों को नहीं भेजा।
कौन-सी पॉलिसियां बताई गईं ‘बेस्ट’?
जांच में सामने आया कि कंपनी ने निम्नलिखित 5 ULIP पॉलिसियों को शीर्ष रैंकिंग दी—
- Bajaj Allianz Goal Assure
- Edelweiss Tokio Wealth Gain Plus
- HDFC Click 2 Wealth
- SBI Life e-Wealth Insurance
- ICICI Signature
IRDAI के अनुसार, इन योजनाओं को बढ़ावा देने के पीछे व्यावसायिक लाभ का उद्देश्य था, न कि ग्राहक हित।
ग्राहकों के पैसों में देरी
- 67 बीमा पॉलिसियों में प्रीमियम राशि 30 दिन से भी अधिक देर से भेजी गई।
- 77,033 पॉलिसियों की राशि 3 दिन से ज्यादा देर तक रोकी गई।
- 8,971 पॉलिसियों के पैसे 5 से 24 दिन की देरी के बाद बीमा कंपनियों को भेजे गए।
यह सीधे तौर पर IRDAI के नियमों का उल्लंघन है, जिसके अनुसार प्रीमियम राशि 3 कार्यदिवस के भीतर बीमा कंपनी को भेजना अनिवार्य है।
अन्य गंभीर खामियां
- बिना अनुमति अन्य कंपनियों में डायरेक्टर पद पर कार्य।
- कुछ बीमा उत्पादों को जबरन प्रमोट कर बिक्री बढ़ाना।
- ग्राहक हितों की अनदेखी कर लाभ केंद्रित रणनीति अपनाना।
IRDAI का संदेश
IRDAI ने यह कदम ग्राहक हितों की रक्षा और बीमा सेक्टर में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया है। साथ ही पॉलिसीबाजार को भविष्य में सख्ती से नियमों का पालन करने की चेतावनी भी दी गई है।


















