SME उद्यमियों के लिए मील का पत्थर साबित हुई JSPL रायगढ़ की एक्सपोज़र विज़िट: RAMP योजना के तहत सीखे उद्योग के गुर

रायपुर : छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने और उन्हें बड़े औद्योगिक घरानों की कार्यप्रणाली से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत, रायगढ़ स्थित जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL) में एसएमई उद्यमियों के लिए आयोजित दो दिवसीय एक्सपोज़र विज़िट सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
आधुनिक तकनीक और प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव

29 से 30 दिसंबर 2025 तक आयोजित इस विज़िट में प्रदेश के आयरन और स्टील क्षेत्र से जुड़े चयनित उद्यमियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे उद्यमियों को बड़े पैमाने पर होने वाले औद्योगिक ऑपरेशन्स, गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा मानकों से रूबरू कराना था।
एक्सपोज़र विज़िट के दौरान उद्यमियों ने JSPL प्लांट के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रभागों का भ्रमण किया, जिनमें शामिल थे:
- ब्लास्ट फर्नेस और डीआरआई (DRI)
- प्लांट ऑटोमेशन और एसपीएम (SPM)
- विश्व स्तरीय रेल मिल डिवीजन
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और तकनीकी सत्र

JSPL रायगढ़ के कार्यकारी निदेशक (Executive Director) सब्यसाची बंद्योपाध्याय ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और उन्हें संबोधित करते हुए बड़े उद्योगों के साथ व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। विज़िट के दौरान विभिन्न विभागों के तकनीकी अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से सप्लाई चेन मैनेजमेंट और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की बारीकियाँ समझाईं। फील्ड भ्रमण के दौरान उद्यमियों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
समन्वय और आयोजन
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (CSIDC) के सहयोग से और महाप्रबंधक ओ. पी. बंजारे के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी Positive Mantra Consulting Pvt. Ltd. ने निभाई, जिन्होंने प्रतिभागियों के रायपुर से प्रस्थान, आवास और भोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था की।
उद्यमियों को मिलेगा लाभ
इस एक्सपोज़र विज़िट से राज्य के एसएमई उद्यमियों को निम्नलिखित क्षेत्रों में लाभ मिलेगा:
- उत्पादन क्षमता में वृद्धि: बड़े उद्योगों की कार्यशैली अपनाकर उद्यमी अपनी उत्पादकता बढ़ा सकेंगे।
- बाजार की तैयारी: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपनी गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
- नेटवर्किंग: बड़े उद्योगों के साथ सप्लाई चेन का हिस्सा बनने के नए अवसर खुलेंगे।
यह पहल छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में छोटे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी।


















