अब नवाचार होंगे सुरक्षित, गरियाबंद में बौद्धिक संपदा अधिकार पर जागरूकता कार्यक्रम

गरियाबंद : भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय अंतर्गत एमएसएमई विकास कार्यालय, रायपुर द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन 27 फरवरी 2026 को होटल सिटी रिजेंसी, गरियाबंद में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के उद्यमियों, व्यवसायियों, महिला समूहों एवं विद्यार्थियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उनके नवाचारों और उत्पादों के संरक्षण के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में एमएसएमई विकास कार्यालय रायपुर के उपनिदेशक किशोर बी. ईरपाते ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रेडमार्क, पेटेंट, कॉपीराइट एवं जियोग्राफिकल इंडिकेशन जैसे अधिकार उद्यमों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिलाने के साथ-साथ उनके उत्पादों की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, गरियाबंद के महाप्रबंधक दीनबंधु ध्रुव ने एमएसएमई उद्यमियों को राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जा रही आईपीआर से जुड़ी योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी। वहीं एमएसएमई विकास कार्यालय रायपुर के सहायक निदेशक ग्रेड-1 अरविन्द तिवारी ने एमएसएमई इनोवेटिव स्कीम के अंतर्गत मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर की हेड विधि संवर्ग श्रीमती सलोनी त्यागी श्रीवास्तव, आईपी स्टेलर रायपुर के कंसल्टेंट मुकेश मिश्रा, यंग प्रोफेशनल सौरभ चौरसिया तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र गरियाबंद के सहायक प्रबंधक रविशंकर ध्रुव ने पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट एवं जियोग्राफिकल इंडिकेशन की प्रक्रिया, पंजीयन एवं इसके व्यावसायिक लाभों पर उपयोगी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में जिले के राइस मिलर, महिला समितियों के सदस्य, एनजीओ प्रतिनिधि, फर्नीचर उत्पादक, ट्रैवल एजेंसी एवं कम्यूटर सेवा प्रदाता, पॉलीटेक्निक एवं आईटीआई के विद्यार्थी सहित अन्य हितधारकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने बौद्धिक संपदा संरक्षण से संबंधित विषयों को समझा और अपने उत्पादों व नवाचारों के आईपी प्रोटेक्शन के लिए आगे कदम उठाने के प्रति उत्साह व्यक्त किया।


















