राजिम कुंभ: पंथी-कर्मा की थाप पर थिरका जनमानस, आज शाम लोक गायिका आरू साहू बिखेरेंगी सुरों का जादू

गरियाबंद : 8 जनवरी 2026 छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प अपनी पूरी भव्यता के साथ जारी है। मेले के छठवें दिन नवीन मेला मैदान का मुख्य मंच छत्तीसगढ़ी संस्कृति के विविध रंगों से सराबोर रहा। पंथी, सुवा, कर्मा और राउत नाचा जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों ने हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नन्ही अश्विका ने बटोरी सुर्खियां
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण रायपुर की मात्र 8 वर्षीय बालिका अश्विका शर्मा रही। अश्विका ने रिकॉर्डेड कथक नृत्य की ऐसी सधी हुई प्रस्तुति दी कि दर्शक दंग रह गए। उनकी भाव-भंगिमाओं और लय ने महोत्सव में एक नई ऊर्जा भर दी।

भक्ति और लोक-संस्कृति का संगम
बिलासपुर के जय जोहार लोककला मंच (हिरेंद्र ठाकुर) ने कार्यक्रम की शुरुआत तुलसी वंदना से की।
- नारी सम्मान: दुर्गा माता की झांकी के जरिए समाज को सशक्त संदेश दिया गया।
- किसान वंदन: खेती-किसानी पर आधारित गीतों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
- पारंपरिक उत्सव: हरेली, भोजली और जसगीत के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्वों की जीवंत झलक पेश की गई।
- हास्य का तड़का: पति-पत्नी की नोकझोंक पर आधारित हास्य गीतों ने मेले में आए परिवारों को खूब गुदगुदाया।
इसके बाद घनश्याम साहू के ‘लोकसंध्या’ मंच ने 80-90 के दशक के मधुर गीतों जैसे “मोर संग चलो रे” और “पता ले जा रे गाड़ी वाला” की प्रस्तुति देकर दर्शकों को पुरानी यादों में डुबो दिया।

आज का विशेष आकर्षण: आरू साहू की प्रस्तुति
आज रविवार को राजिम कुंभ कल्प के सातवें दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बौछार होगी।
- मुख्य मंच: आज शाम 8 बजे प्रसिद्ध लोक गायिका आरू साहू अपनी मनमोहक प्रस्तुति देंगी। उनसे पहले धमतरी के रूपेन्द्र साहू और रायपुर की सावित्री कहार के मंच सजेेंगे।
- स्थानीय मंच: पंडवानी (धनेश्वरी जैन), पंथी नृत्य (तेजराम बांधे) और बांस नृत्य (पुरुषोत्तम यादव) जैसे पारंपरिक कार्यक्रम जिला स्तर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे।
- नदी मंच (पुराना स्थल): यहां मानसगान और जसगीत की धारा बहेगी, जिसमें केजूराम साहू और हेमंत साहू जैसे कलाकार शिरकत करेंगे।


















