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दूध उत्पादन के क्षेत्र में छुईखदान विकासखंड की अलग पहचान

राजनांदगांव जिले में छुईखदान विकासखंड की दूध उत्पादन में एक अलग पहचान है। इस विकासखंड के गांवों के किसान बड़ी संख्या में पशुपालन और दूध उत्पादन का व्यवसाय कर रहे हैं। विकासखंड में प्रतिदिन 10 हजार लीटर से अधिक मात्रा में दूध का उत्पादन होता है। विकासखंड के संडी गांव में बड़ी संख्या में पशुपालक किसान है, जो उन्नत नस्ल गाय पाल रखे हैं और डेयरी व्यवसाय कर रहे हैं। कलेक्टर श्री वर्मा ने कल दौरे में संडी गांव पहुंचकर अनेक पशुपालक किसानों के घरों में जाकर डेयरी व्यवसाय की जानकारी ली। इस गांव के किसान गिर और साहीवाल जैसे उत्तम नस्ल की गायों का पालन कर डेयरी व्यवसाय को अपनाए हैं। उन्होंने पशुपालक किसानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनके के लिए यह आय का अतिरिक्त जरिया है। खेती-किसानी के साथ पशुपालन करने से किसानों की आमदनी बढ़ती है।
    पशुचिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि छुईखदान विकासखंड के 70-80 गांवों के बीच 10 दुग्ध सहकारी समितियां संचालित हो रही है। ग्राम संडी में डेयरी उद्यमिता योजना के तहत 15 डेयरी चालू है और प्रतिदिन 500 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। देवभोग दुग्ध महासंघ से जुड़कर सभी समितियां कार्य कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि छुईखदान विकासखंड के पशुपालक किसानों के खाते में पिछले 5 सालों में 25 से 30 करोड़ रूपए की राशि जमा हुई है। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री ललितादित्य नीलम, छुईखदान-गंडई एसडीएम डॉ. दीप्ति वर्मा, तहसीलदार श्री प्रफुल्ल गुप्ता, सीईओ जनपद पंचायत छुईखदान श्री रावटे, नायब तहसीलदार श्री प्रीतम साहू, पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. आरपी टंडन सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

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