133 साल पुरानी ये कंपनी अब बन गई सिर्फ यादों का हिस्सा, हर घर से रहा है गहरा नाता

नई दिल्ली: फोटोग्राफी कंपनी ईस्टमैन कोडक बंद होने के कगार पर है। 133 साल पुरानी इस कंपनी ने निवेशकों से कहा है कि उसके लिए लंबे समय तक अपना वजूद बचा पाना मुश्किल है। अपनी अर्निंग रिपोर्ट में कंपनी ने कहा कि उसे 50 करोड़ डॉलर का कर्ज देना है लेकिन इसके लिए उसके पास नकदी नहीं है। हालांकि कंपनी का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल में लगाए गए टैरिफ से उसके बिजनस पर कोई असर नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि उसके प्रोडक्ट जैसे कैमरे, इंक और फिल्म अमेरिका में ही बनते हैं। मंगलवार को कंपनी के शेयरों में 25 फीसदी से अधिक गिरावट आई।
इस कंपनी की स्थापना 1982 में ईस्टमैन कोडक कंपनी के रूप में हुई थी। लेकिन इसका इतिहास 1879 में शुरू हुआ जब जॉर्ज ईस्टमैन को प्लेट कोटिंग मशीन के लिए पेटेंट मिला। साल 1888 में अपना पहला कोडक कैमरा $25 में बेचा। उस जमाने में फोटोग्राफी बिजनस के लिए खास तरह के स्किल और इक्विपमेंट की जरूरत होती थी। लेकिन कोडक कैमरे ने इसे आम लोगों के लिए आसान बना दिया। बस एक बटन दबाइए और काम हो गया। करीब 100 साल तक कैमरा और फिल्म बनाने में इस कंपनी का दबदबा रहा। 1970 के दशक में अमेरिका में 90 फीसदी फिल्म और 85 फीसदी कैमरे इसी कंपनी के बिकते थे।
क्यों हुई बर्बाद?
कोडक ने 1975 में पहला डिजिटल कैमरा लॉन्च किया। लेकिन यही टेक्नोलॉजी उसे ले डूबी। दूसरी कंपनियों ने इसमें सुधार करके कोडक को पीछे छोड़ दिया। 2012 में कंपनी ने बैंकरप्सी के लिए आवेदन दिया। उस समय कंपनी पर 100,000 लोगों का कर्ज था जिसकी कुल वैल्यू 6.75 अरब डॉलर थी। 2020 में कंपनी को उस समय थोड़ी राहत मिली जब सरकार ने इसे फार्मा एनग्रिएंट्स प्रॉड्यूसर बनाने की कोशिश की। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। यह कंपनी अब भी फोटोग्राफी और मूवी इंडस्ट्री के लिए फिल्म और केमिकल बनाती है।


















