PF का पैसा निकालना हुआ आसान, अब क्लेम न अटकेगा और न लटकेगा

नई दिल्ली/सूत्र: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब PF का पैसा निकालना और भी आसान हो गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ​​ने ऑनलाइन निकासी के कुछ नियमों में बदलाव किया है। अब आपको कैंसल चेक और बैंक अकाउंट के लिए नियोक्ता (जिस कंपनी में आप काम करते हैं) से वेरिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं होगी।

इस बदलाव का मकसद करीब आठ करोड़ सदस्यों के क्लेम का जल्द से जल्द निपटारा करना है। इससे कर्मचारियों और नियोक्ता दोनों को आसानी होगी, श्रम मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि इन कदमों से क्लेम प्रक्रिया आसान हो जाएगी। क्लेम रिजेक्ट होने की वजह से आने वाली शिकायतें भी कम होंगी।

हर दिन हजारों अनुरोध

अब तक 7.74 करोड़ सक्रिय ईपीएफ योगदानकर्ताओं में से 4.83 करोड़ ने अपने बैंक खातों को यूनिवर्सल खाता संख्या से लिंक कर लिया है। बैंक खातों को सीडिंग करने के लिए हर दिन करीब 36,000 अनुरोध प्राप्त होते हैं. बैंकों को सत्यापन में औसतन तीन दिन लगते हैं। लेकिन, नियोक्ता की मंजूरी में 13 दिन और लगते थे। इससे लंबित अनुमोदन की समस्या बढ़ गई थी।

इन नियमों में बदलाव

• अब सदस्यों को ऑनलाइन दावा दाखिल करते समय कैंसिल चेक या पासबुक की फोटो अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी।

• बैंक सत्यापन के लिए नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। यानी बैंक खाते के विवरण को सत्यापित करने के लिए नियोक्ता की मंजूरी अब पूरी तरह से खत्म कर दी गई है।

• ईपीएफ सदस्य जो अपने पहले से लिंक किए गए बैंक खाते को बदलना चाहते हैं, वे अब अपना नया बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड दर्ज करके ऐसा कर सकते हैं। आधार आधारित ओटीपी सत्यापन के जरिए इसे प्रमाणित किया जाएगा।

क्या होगा फायदा?

नियमों में बदलाव से खराब गुणवत्ता या पढ़ने में मुश्किल दस्तावेजों को अपलोड करने के कारण होने वाली देरी खत्म हो जाएगी। पहले इन कारणों से दावे खारिज कर दिए जाते थे।

इन बदलावों से लाखों सदस्यों को फायदा होगा। यह बदलाव 28 मई 2024 को कुछ केवाईसी अपडेटेड सदस्यों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था। इसका फायदा 1.7 करोड़ ईपीएफ सदस्यों को मिल चुका है। इसकी सफलता को देखते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ​​ने अब इस छूट को सभी सदस्यों के लिए बढ़ा दिया है।

अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत नहीं

श्रम मंत्रालय ने कहा कि चूंकि बैंक खाते को यूनिवर्सल खाता संख्या (UAN) से लिंक करते समय ईपीएफ सदस्यों के विवरण के साथ सत्यापित किया जाता है। इसलिए अब इस अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत नहीं है। इस कदम से 14.95 लाख से अधिक ईपीएफ सदस्यों को तुरंत लाभ मिलेगा। उनके बैंक सत्यापन के लिए नियोक्ता की मंजूरी लंबित थी, जिससे अब उन्हें जल्दी पैसा मिल सकेगा।

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KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

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