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तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के लाभ उठाने के लिए डीएफओ ने जनता से की अपील

कोण्डागांव : छत्तीसगढ शासन वन विभाग के माध्यम से तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु उद्देश्य से वन विभाग एवं छ.ग. राज्य लघु वनोपज संघ के समन्वय से शहीद महेन्द्र कर्मा तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना संचालित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य तेंदुपत्ता संग्राहक परिवारों के पंजीकृत मुखिया की आकस्मिक मृत्यु, दुर्घटनाजनित मृत्यु, पूर्ण निःशक्तता एवं आंशिक निःशक्तता की स्थिति में सहायता अनुदान राशि उपलब्ध कराया जाना है। डीएफओ केशकाल सह प्रबंध संचालक, जिला यूनियन केशकाल धम्मशील गणवीर (भा.व.से.) द्वारा शासन की इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने एवं वनवासी भाइयों तक योजना के प्रति जागरूकता प्रसार के लिये अपील की है । 

इस योजनान्तर्गत तेंदूपत्ता संग्राहक मुखिया के नामित (दावेदार) सदस्य की मृत्यु आयु 18 वर्ष से 50 के बीच होने पर सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये , दुर्घटना से मृत्यु पर अतिरिक्त 2 लाख रुपये, पूर्ण निःशक्तता पर अनुदान रूप में 2 लाख रुपये, आंशिक पूर्ण निःशक्तता पर अनुदान 1 लाख रुपये एवं पंजीकृत तेंदूपत्ता संग्राहक (मुखिया) की मृत्यु आयु 51 वर्ष से 59 के बीच मृत्यु होने पर सामान्य मृत्यु होने पर 30 हजार रुपये, दुर्घटना से मृत्यु पर अनुदान राशि 75 हजार रुपये, पूर्ण निःशक्तता पर अनुदान राशि 75 हजार रुपये, आंशिक पूर्ण निःशक्तता पर अनुदान राशि 37 हजार 5 सौ रुपये दिए जाएंगे।

इसके लिए हितग्राही को कार्यालय में प्रकरण हेतु आवेदन करना होगा। प्रकरण कार्यालय मे प्राप्त होने के 30 दिवस के भीतर तेंदूपत्ता संग्राहक मुखिया के आश्रितों को योजना का लाभ प्रदान किया जाना सुनिश्चित किया जावेगा। इसके लिए डीएफओ ने समस्त कर्मचारियों को ऐसे हितग्राहियों को निर्धारित 01 माह की अवधि के भीतर लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार मुखिया के शेष सदस्यों के मृत्यु पर संघ द्वारा पूर्व में संचालित समूह बीमा योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत् पंजीकृत परिवार मुखिया के अतिरिक्त सदस्यों के सामान्य मृत्यु पर हितग्राहियों को 12 हजार रूपये अनुदान राशि प्राप्त होगें।

इस संबंध में डीएफओ केशकाल ने तेंदूपत्ता संग्राहकों से अपील की है कि वे तेन्दूपत्ता मुखिया के द्वारा भरा जाने वाला नामांकन कार्य को शीघ्र पूर्ण कराएं

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KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

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