राहत! बीमार पेंशनभोगियों को नहीं जाना पड़ेगा बैंक, कर्मचारी घर जाकर लेंगे जीवन प्रमाण पत्र, केंद्र का निर्देश

नई दिल्ली/सूत्र: केंद्र सरकार ने सभी पेंशन वितरण करने वाले बैंकों को बीमार और अस्पताल में भर्ती पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में मदद करने के लिए ‘डोरस्टेप एक्जीक्यूटिव’ भेजने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने एक आदेश में कहा है कि सभी बैंकों को 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के अति वरिष्ठ पेंशनभोगियों के बीच डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के बारे में जागरूकता पैदा करने का प्रयास करना चाहिए। फेशियल वेरिफिकेशन तकनीक का उपयोग करके पेंशनभोगियों का डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है।

केंद्र सरकार के करीब 69.76 लाख पेंशनभोगी

दरअसल, सभी पेंशनभोगियों को अपनी पेंशन आगे पाने के लिए हर साल अपने जीवित होने का प्रमाण देना होता है, जिसे ‘जीवन प्रमाणपत्र’ कहा जाता है। मौजूदा समय में केंद्र सरकार के करीब 69.76 लाख पेंशनभोगी हैं।

2019 में, केंद्र सरकार ने बैंकों से कहा था कि वे अति वरिष्ठ पेंशनभोगियों को नवंबर के बजाय 1 अक्टूबर से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अनुमति दें। वहीं 80 साल से कम उम्र के पेंशनभोगियों को नवंबर में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा।

जीवन प्रमाण पत्र घर बैठे जमा किया जा सकता है

DOPPW की ओर से 25 सितंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि अब हर पेंशनभोगी अपने घर से फेशियल वेरिफिकेशन तकनीक से बने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) को अपने स्मार्टफोन के जरिए या बैंक शाखा में जमा कर सकता है।

आदेश के मुताबिक, बैंक डोरस्टेप बैंकिंग अधिकारियों की नियुक्ति करके जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा प्रदान कर सकते हैं। बैंक अपनी शाखाओं को 1 अक्टूबर से 80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनभोगियों को यह सुविधा प्रदान करने का निर्देश दे सकते हैं।

इस क्रम में बैंकों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न प्लेटफार्मों का उपयोग करने का सुझाव दिया गया है। इसकी जानकारी बैंक शाखाओं और एटीएम पर पोस्टर के जरिए दी जा सकती है।

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KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

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