IRDA: नए साल में इंश्योरेंस सेक्टर में होंगे बड़े बदलाव

नई दिल्ली/सूत्र: नए साल में इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) एक उत्पाद के तहत कई बीमा खरीदने की सुविधा प्रदान करने के लिए बीमा विस्तार योजना शुरू करने जा रहा है।

क्या है आईआरडीए की योजना?

इस बीमा विस्तार योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए बीमा वाहकों को काम पर रखा जाएगा। आईआरडीए ने वर्ष 2024 के अंत तक देश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक बीमा वाहक नियुक्त करने का लक्ष्य रखा है। बीमा कंपनियां मुख्य रूप से महिलाओं को बीमा वाहक के रूप में नियुक्त करेंगी। आईआरडीए सूत्रों के मुताबिक बीमा विस्तार योजना नए साल में किसी भी समय शुरू हो सकती है।

प्रबल संभावना है कि जनवरी माह से इसकी शुरुआत हो जायेगी. बीमा विस्तार उत्पाद में जीवन, स्वास्थ्य, दुर्घटना और संपत्ति बीमा की सुविधा एक साथ होगी। यानी एक प्रीमियम चुकाकर उपभोक्ता एक साथ चार बीमा का लाभ उठा सकेगा। आईआरडीए सूत्रों के मुताबिक, बीमा विस्तार योजना का प्रीमियम काफी कम होगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस उत्पाद को खरीद सकें।

2047 तक इंश्योरेंस के दायरे में होगा हर नागरिक

आईआरडीए ने वर्ष 2047 तक देश के प्रत्येक नागरिक को बीमा कवरेज के तहत लाने का लक्ष्य रखा है और बीमा विस्तार इसी दिशा में एक प्रयास है। सूत्रों के मुताबिक बीमा विस्तार के तहत बीमा कवर की राशि एक-दो लाख के बीच हो सकती है। आईआरडीए के मुताबिक बीमा विस्तार लागू होते ही बीमा वाहक योजना शुरू हो जाएगी. बीमा कंपनियाँ आईआरडीए नियमों के अनुसार बीमा वाहक नियुक्त करेंगी।

बीमा वाहकों के पास इलेक्ट्रॉनिक मशीनें होंगी जिनकी मदद से वे ग्राहकों की केवाईसी कर सकेंगे और ग्राहकों से इलेक्ट्रॉनिक रूप में भुगतान लेनदेन भी कर सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा वाहक नियुक्त करने से बीमा की पहुंच बढ़ेगी क्योंकि गांव का स्थानीय व्यक्ति वहां के लोगों की जरूरतों को अच्छी तरह से समझता है और बीमा वाहक उन्हें स्थानीय भाषा में बीमा के लाभों को समझाने में सक्षम होगा।

वर्तमान में, एक एजेंट केवल एक ही कंपनी का बीमा उत्पाद बेच सकता है। मान लीजिए किसी एजेंट ने स्टार हेल्थ इंश्योरेंस बेचने के लिए कंपनी से कोड लिया है तो वह केयर हेल्थ इंश्योरेंस अपने नाम से नहीं बेच सकता। नए साल से ये एजेंट एक ही श्रेणी के कई कंपनियों के उत्पाद बेच सकेंगे। नए साल में किसी भी वक्त इस नियम के लागू होने की घोषणा हो सकती है।

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KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

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