अब सिर्फ हॉलमार्क वाला सोना ही बेच सकेंगे सुनार: आधार कार्ड की तरह ज्वैलरी में होगा 6 डिजिट का कोड

रायपुर : अगर आप आने वाले समय में सोना खरीदने का मन बना रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है। दरअसल, 1 अप्रैल से देश में सिर्फ उन्हीं सोने के गहनों और कलाकृतियों की बिक्री होगी, जिन पर छह अंकों का ‘हॉलमार्क अल्फान्यूमेरिक यूनिक आइडेंटिफिकेशन’ (HUID) नंबर अंकित होगा। सरकार ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी।

सरकार ने कहा कि 31 मार्च के बाद दुकानदारों को बिना HUID वाले पुराने हॉलमार्क वाले आभूषण बेचने की अनुमति नहीं होगी. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस संबंध में यह महत्वपूर्ण फैसला 18 जनवरी, 2023 को उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित रखने के लिए सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ही लिया गया।

बता दें कि गोल्ड हॉलमार्क सोने की शुद्धता का सर्टिफिकेट होता है। यह स्वेच्छा से 16 जून 2021 से लागू था। छह अंकों वाला HUID नंबर 1 जुलाई 2021 से लागू किया गया है। इस अवसर पर उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के पास पुराने हॉलमार्क वाले आभूषण मान्य रहेंगे। इन गहनों पर इस नियम का कोई असर नहीं होगा।

हॉलमार्क सोना क्या है – आप सुनार से जो सोना खरीद रहे हैं वह शुद्ध है या नहीं। इसकी जांच भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस करता है। यह संस्था सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं से बने आभूषणों या कलाकृतियों की जांच करती है। अगर धातु शुद्ध है तो उसे टैग दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को हॉलमार्किंग कहा जाता है। अब भारत सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा है कि सुनार बिना हॉलमार्किंग के सोने से बनी कोई भी चीज नहीं बेच सकेंगे।

HUID नंबर क्या होता है और इससे क्या होगा? – जैसा कि हम सभी के पास आधार कार्ड होता है जो हमारी पहचान के लिए है। इसी तरह आभूषणों की पहचान के लिए हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर होता है। HUID नंबर एक छह अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड है जिसमें नंबर और अक्षर होते हैं, यह नंबर अल्फ़ान्यूमेरिक हो सकता है यानी कुछ इस तरह- AZ4524। इस नंबर के जरिए सोने को ट्रेस करके यह पता लगाया जा सकेगा कि एक सोना कितने कैरेट का है। अब ग्राहकों को ज्वेलरी खरीदने से पहले हॉलमार्क जरूर चेक करना चाहिए। सोने पर ट्रेड मार्क देने के लिए देशभर में 940 केंद्र बनाए गए हैं। बता दें कि ज्वैलर्स को यह जानकारी बीआईएस पोर्टल पर भी अपलोड करनी होगी।

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KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

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