सिलिकॉन वैली क्राइसिस से भारतीय बाजार पर क्या होगा असर, समझिए एक्सपर्ट से

नई दिल्ली/सूत्र: सिलिकॉन वैली बैंक ऑफ अमेरिका के डूबने के नतीजे सामने आने लगे हैं, माना जा रहा है कि इस बैंक के डूबने से 10 हजार से ज्यादा स्टार्टअप बुरी तरह प्रभावित होंगे। इससे करीब एक लाख लोगों की नौकरी जा सकती है। SVB ने भारत सहित दुनिया भर के कई टेक स्टार्टअप्स में निवेश किया है। बैंक बंद होने से स्टार्टअप्स के फंसने की संभावना है। इससे इन स्टार्टअप्स की मुसीबतें बढ़ गई हैं। वहीं, अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने कहा है कि सरकार सिलिकॉन वैली बैंक को कोई राहत नहीं देगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका के इस विशालकाय बैंक के डूबने का भारतीय बैंकों पर कितना असर पड़ेगा? विशेषज्ञों का कहना है कि एसवीबी के डूबने से भारतीय बैंकिंग प्रणाली पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। लेकिन बाजार की धारणा पर इसका असर जरूर पड़ेगा।

शॉर्ट से मीडियम टर्म में बाजार पर असर

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी रणनीतिकार क्रांति बथिनी ने कहा, “एसवीबी के पतन का भारतीय बैंकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि भारतीय बैंकिंग प्रणाली आरबीआई की देखरेख में अत्यधिक अलग और विनियमित है।” बथिनी ने कहा कि जहां तक बाजार की बात है तो छोटी से मध्यम अवधि में बाजार धारणा पर कुछ असर पड़ेगा। लेकिन लंबे समय में इसका भारतीय इक्विटी बाजारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

वित्तीय संकट का डर – भावेश शाह, एमडी, कंज्यूमर एंड हेल्थकेयर बैंकिंग, इक्विरस ने कहा, “भारतीय बैंकिंग प्रणाली की अपनी अंतर्निहित ताकत है और यह सिलिकॉन वैली बैंक की परेशानियों से ज्यादा प्रभावित नहीं होगी। हालांकि, इसका शेयर बाजार पर प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि भावना यह भय पैदा करेगी कि इससे वित्तीय संकट पैदा हो सकता है। स्टार्टअप इकोसिस्टम भी प्रभावित होगा और कम से कम अस्थायी रूप से फंडिंग प्रभावित हो सकती है। वित्तीय संकट के बाद शुक्रवार को SVB को बंद कर दिया गया। 2008 के वित्तीय संकट के बाद यह सबसे बड़ा बैंकिंग संकट बताया जा रहा है।

इससे पहले कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ उदय कोटक ने कहा था कि ऊंची ब्याज दरों का असर कमजोर बैंकों पर पड़ेगा। एक ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘जब ब्याज दरें एक साल में शून्य से 5 फीसदी ऊपर जाती हैं, तो कहीं न कहीं एक दुर्घटना होने का इंतजार किया जा रहा था।’ इस बीच, रिपोर्टों के अनुसार, यूके सरकार एसवीबी के पतन से होने वाले नुकसान को कम करने के प्रयास कर रही है।

ब्रिटिश वित्त मंत्री जेरेमी हंट ने रविवार को कहा कि वह प्रधान मंत्री ऋषि सनक और बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली के साथ नुकसान से बचने या कम करने के लिए काम कर रहे थे। 250 से अधिक यूके टेक फर्मों के सीईओ ने शनिवार को हंट को लिखे एक पत्र में सरकारी हस्तक्षेप का आह्वान किया। इसी तरह, विशेषज्ञों के अनुसार, एसवीबी के पतन से शेयर निवेशकों में चिंता बढ़ सकती है।

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KR. MAHI

CHIEF EDITOR KAROBAR SANDESH

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